बैंक या वित्तीय संस्थाओं से जुड़ा हुआ एक शब्द, जिसके बारे में सुना तो सब ने है लेकिन उसका मतलब बहुत ही कम लोग जानते हैं वह शब्द है KYC, तो आइए जानते हैं KYC kya hai , साथ ही KYC से संबंधित उन सभी सवालों के जवाब जो बैंक ग्राहक को जानना जरूरी है
KYC kya hai
KYC का फुल फॉर्म होता है Know Your Customer मतलब अपने ग्राहक की पहचान करना, केवाईसी ग्राहक के द्वारा बैंक या वित्तीय संस्थाओं में प्रदान किया जाने वाला एक ऐसा प्रपत्र होता है जिससे उस ग्राहक की बैंक या वित्तीय संस्था संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर पाता है
KYC kya hai को जानना इसलिए भी जरूरी हो जाता है की बैंक ग्राहक जब कई दिनों के बाद में या फिर अपने डोरमेट हो चुके अकाउंट को वापस चालू करवाता है तो बैंक सबसे पहले ग्राहक की केवाईसी ही लेता है, इसलिए ग्राहक को ये जानना जरूरी होता है कि KYC kya hai
हालांकि ऐसा नहीं है कि जब कोई भी ग्राहक अपना अकाउंट ओपन करवाता है तो उसके बैंक केवाईसी नहीं लेता है जी बैंक अकाउंट ओपन करते वक्त भी के वासी लेता है लेकिन फिर भी प्रत्येक बैंक या फिर वित्तीय संस्था अपने ग्राहक की पहचान सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार के फ्रॉड या फिर अन्य अलीगल गतिविधि को रोकने के लिए समय-समय पर केवाईसी लेता रहता है
👉 Twin Tower // ट्विन टावर क्यों गिराया गया
E kyc kya hai
kyc kya hai जब यह सवाल आता है तो साथ ही एक और सवाल भी आता है e kyc kya hai तो आपको बता दें की जब केवाईसी को इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल माध्यम से किया जाता है तो उसे E kyc कहते हैं
बैंक या वित्तीय संस्थाएं अपने कस्टमर का नाम, एड्रेस, फोन नंबर, ईमेल आईडी, या इसी प्रकार की डिटेल्स को जानने के लिए केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करवाते हैं लेकिन यह प्रक्रिया एक फॉर्म भरकर ऑफलाइन की जाती है इसलिए इस कागजी कार्यवाही से छुटकारा पाने के लिए E kyc शुरू की गई, अब जब बैंक या वित्तीय संस्थाओं की ही है पूरी प्रक्रिया किसी इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल माध्यम से की जाती है तो उसे ही कहते हैं E kyc कहते है
e kyc ke Fayade
E kyc, केवाईसी का ही एक डिजिटल रूप है जिसके कई प्रकार के फायदे हैं इन्हीं पदों को देखते हुए वर्तमान में सभी बैंक या वित्तीय संस्थाएं के वासी की जगह ईकेवाईसी को प्राथमिकता दे रही है इसलिए अब जब आप kyc kya hai जान चुके हो तो आइए E kyc के फायदे भी बता देते हैं
- कागजी दस्तावेजों से छुटकारा — केवाईसी के लिए वित्तीय संस्थाओं दोबारा ग्राहकों से अलग-अलग तरह के कई दस्तावेज इकट्ठे करने होते हैं लेकिन ईकेवाईसी में इन कागजों से छुटकारा मिल जाता है क्योंकि एक केवाईसी इलेक्ट्रॉनिक देवास द्वारा आधार नंबर के आधार पर बायोमेट्रिक, क्यूआर कोड या ओटीपी द्वारा की जाती है
- लागत में कमी — केवाईसी में खराब को अपने सभी डॉक्यूमेंट की फोटो कॉपी करवानी होती है वही ईकेवाईसी द्वारा किसी भी डॉक्यूमेंट को साथ लाने ले जाने वह फोटोकॉपी करवाने आदि से छुटकारा मिल जाता है यह काम सिर्फ आधार नंबर के आधार पर ही किया जा सकता है
- ऑटोफिल की सुविधा — आज छोटी से छोटी सरकारी योजना या फिर सुविधाओं के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरने की जरूरत होती है अगर ईकेवाईसी अपडेट हो तो ऑनलाइन प्रोसेस करते समय कई ऑप्शन जैसे नाम, एड्रेस, जन्म तिथि आदि ऑटोफिल हो जाते हैं जबकि नॉर्मल केवाईसी में ऐसा संभव नहीं है पर हर बार पूरे फॉर्म को नए सिरे से भरना होता है
- समय की बचत — ऑनलाइन केवाईसी का सबसे बड़ा फायदा होता है की इसमें समय की बचत होती है केवाईसी के लिए जहां ग्राहक को अपनी होम ब्रांच या फिर वित्तीय संस्था के ऑफिस में जाकर फॉर्म भरकर सबमिट करना होता है वही ईकेवाईसी कहीं से भी ऑनलाइन करवाई जा सकती है इससे ना केवल ग्राहक के समय की बचत होती है बल्कि वित्तीय संस्थाओं का भी समय हुए ऑफिशियल वर्क दोनों की बचत होती है
KYC kya hai को Video के रूप में जाने 👇👇
Kyc kyo Jaruri hai / Kyc क्यों जरुरी है
जब आप यह जान चुके हो की KYC kya hai , तो अब यह जानना भी जरूरी हो जाता है कि आखिर Kyc kyo Jaruri hai / KYC क्यों जरुरी है तो आपको बता दें की किसी भी बैंक के लिए अपने ग्राहक के अकाउंट की सुरक्षा सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होती है इसलिए प्रत्येक बैंक या फिर वित्तीय संस्था अपने ग्राहक की पहचान समय-समय पर दोबारा सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार के फ्रॉड या फिर अन्य अलीगल गतिविधि को रोकने के लिए समय-समय पर Kyc लेता रहता है
बैंक kyc क्यों किया जाता है
kyc kya hai यह शब्द जब ग्राहक की सामने बार-बार आता है तो अक्सरग्राहक को ये भी लगता है कि आखिर बैंक केवाईसी क्यों किया जाता है, हालांकि कोई भी ग्राहक बैंक में अपना अकाउंट खाता ओपन करवाता है तो बैंक उस ग्राहक से केवाईसी के तौर पर सभी जरूरी डाक्यूमेंट्स लेता है लेकिन फिर भी कई बार ऐसा होता है की ग्राहक समय के साथ अपने डाक्यूमेंट्स में कुछ अपडेट कर लेता है और यही अपडेट बैंक ग्रा के अकाउंट में अपडेट करने के लिए समय-समय पर केवाईसी करता रहता है
इस तरह अब भी को जरूरत पड़ने पर वह अपने ग्राहक से आसानी के साथ संपर्क कर सकता है और किसी प्रकार की कोई कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा केवाईसी ना केवल बैंकों के लिए सही है बल्कि यह है ग्राहक के लिए भी लाभकारी सिद्ध होती है
Adhar KYC kya hai
जैसा कि हम kyc kya hai मैं जान चुके हैं की kyc kya hai तो अब एक सवाल आता है की kya किस डॉक्यूमेंट के माध्यम से की जाती है हालांकि वैसे तो कई डॉक्यूमेंट है जिनसे ग्राहक अपनी बैंक में केवाईसी करवा सकता है लेकिन अगर आधार नंबर के आधार पर इलेक्ट्रॉनिक केवाईसी की जाती है तो इसे आधार केवाईसी कहते हैं इसमें समय की बचत होती है
क्या लोन लेने के लिए KYC जरूरी है
लोन एक फाइनेंशियल प्रोडक्ट है इसलिए लोन की वापसी फाइनेंशियल संस्थाओं के लिए जरूरी है इसलिए बैंक के पास ग्राहक की संपूर्ण जानकारी हो जैसे नाम, पता, मोबाइल नंबर, मेल आईडी इत्यादि के लिए केवाईसी जरूरी है कई बार ग्राहक लोन लेने के बाद अपने एड्रेस, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी इत्यादि बदल भी लेते हैं इसलिए अगर समय समय पर KYC की जाए तो ग्राहक की नई जानकारी बैंक या फाइनेंसियल संस्थाओं के पास अपडेट होती रहती है
👉 Epson New Printers Launched M3170 wifi
conclusion
इस आर्टिकल में केवाईसी क्या है को साधारण भाषा में समझाने का प्रयास किया गया है इसके साथ ही केवाईसी से संबंधित अन्य प्रश्नों को भी कवर किया गया है उम्मीद है यह आर्टिकल ना केवल आपको पसंद आएगा बल्कि आपके लिए हेल्पफुल भी साबित होगा किसी भी प्रकार के विचार या सुझाव सादर आमंत्रित है Thanks for Visit
यह भी जाने👇👇
👉 बैटरी में विस्फोट क्यों होता है
👉क्रेडिट कार्ड क्या है // Credit Card A to Z जानकारी
Important Question Answer
kyc kya hai…?
KYC का फुल फॉर्म होता है Know Your Customer मतलब अपने ग्राहक की पहचान करना, केवाईसी ग्राहक के द्वारा बैंक या वित्तीय संस्थाओं में प्रदान किया जाने वाला एक ऐसा प्रपत्र होता है जिससे उस ग्राहक की बैंक या वित्तीय संस्था संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर पाता है
kyc ki full form kya hai
KYC का फुल फॉर्म होता है Know Your Customer होती है
KYC full form in Hindi
KYC की फुल फॉर्म Knou Your Clint यानि हिंदी में ”अपने ग्राहकों को जाने” होती है