UPI AutoPay Scam, आज के समय में ऑनलाइन पेमेंट हमारी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बन गया है। चाय की दुकान से लेकर बड़े शॉपिंग मॉल तक, हर जगह UPI से भुगतान हो रहा है। लेकिन जहाँ सुविधा ज्यादा होती है, वहाँ खतरे भी ज्यादा होते हैं।
वर्तमान में UPI AutoPay बहुत तेजी के साथ फैल रहा है। इस स्कैम में लोगों के अकाउंट से बिना पता लगे पैसे कट रहे हैं।
अगर आप भी UPI का इस्तेमाल करते हैं या इस स्कैम से बचना चाहते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए काफी ज्यादा जरूरी है।
UPI AutoPay और UPI AutoPay Scam क्या है?
UPI AutoPay एक ऐसा फीचर है, जो EMI, सब्सक्रिप्शन (जैसे Netflix और Amazon) और बिल पेमेंट्स को ऑटोमैटिक कर देता है। 2026 में NPCI ने ट्रांज़ैक्शन लिमिट बढ़ा दी है (₹15,000 से ₹1 लाख तक); हालाँकि, अब स्कैमर्स इसी सुविधा का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।
UPI AutoPay Scam धोखाधड़ी का एक ऐसा रूप है, जिसमें स्कैमर—अक्सर OTT ऐप्स, नकली फ्री ट्रायल या लुभावने ऑफर से जुड़े डेटाबेस का इस्तेमाल करके—आपको धोखे से बिना जाने ही एक UPI ऑटो-पेमेंट (मैंडेट) चालू करवा देते हैं। इसके बाद हर महीने आपकी जानकारी या अनुमति के बिना ही आपके बैंक खाते से पैसे कटते रहते हैं। यह स्कैम अक्सर फिशिंग लिंक या नकली ऐप्स के जरिए किया जाता है।

बिना पता लगे कैसे कट रहे हैं पैसे?
जब आप पहली बार AutoPay एक्टिवेट करते हैं, तो आपको एक OTP या UPI PIN डालना होता है। लेकिन बाद में ट्रांज़ैक्शन बिना OTP या PIN के प्रोसेस किए जा सकते हैं।
ठीक यहीं से UPI AutoPay Scam शुरू होता है। अगर आप गलती से किसी फ्रॉड सर्विस को AutoPay की परमिशन दे देते हैं, तो वह बार-बार आपके अकाउंट से पैसे काट सकता है—बिना आपको पता लगे।
2026 में UPI AutoPay Scam के नए तरीके
1. फेक सब्सक्रिप्शन
धोखेबाज़ यूज़र्स को नकली ऐप्स या वेबसाइट्स (जैसे “Free OTT Trial”) पर “AutoPay” सेटअप करने के लिए उकसाते हैं। आप “Start Trial” पर क्लिक करते हैं और अपना UPI PIN डालते हैं। इसके बाद हर महीने पैसे कटने लगते हैं।
2. Fake SMS या Links
साइबर अपराधी मैसेज, ईमेल या सोशल मीडिया के जरिए फर्जी लिंक या SMS भेजते हैं। जब कोई यूज़र ऐसे लिंक पर क्लिक करता है और UPI AutoPay रिक्वेस्ट को मंजूरी देता है, तो उसके खाते से पैसे कटने लगते हैं।
3. Fake App और Website
कुछ धोखेबाज़ नकली ऐप्स या वेबसाइटों पर सस्ते सब्सक्रिप्शन का वादा करके यूज़र्स को लुभाते हैं। जब कोई यूज़र पेमेंट करता है, तो UPI AutoPay सिस्टम सेट हो जाता है, जो हर महीने उसके बैंक अकाउंट से अपने-आप पैसे काटता रहता है।
4. कैशबैक या इनाम का लालच
कई स्कैमर्स कैशबैक, इनाम या लोन मंजूरी का बहाना बनाकर यूज़र्स से UPI AutoPay रिक्वेस्ट स्वीकार करवा लेते हैं और बाद में धीरे-धीरे अकाउंट से पैसे निकाल लेते हैं, जिससे यूज़र को पता तक नहीं चलता।
5. Fake QR Code Scam
कई बार साइबर अपराधी आपसे कहते हैं कि QR कोड स्कैन करें और पैसे पाएं, लेकिन आपको उनके जाल में नहीं फँसना है। क्योंकि जैसे ही आप उस QR कोड को स्कैन करेंगे, ऑटोमेटिक UPI AutoPay सिस्टम अप्रूव हो सकता है, जिसके बाद आपका अकाउंट खाली भी हो सकता है।
6. Subscription Renewal Scam
साइबर अपराधी कई बार यह पता लगाते हैं कि आपने पहले कोई subscription service ली थी और उसी का फायदा उठाकर स्कैमर्स फेक रिन्यूअल के बहाने UPI AutoPay सिस्टम चालू कर देते हैं, जिसके बाद हर महीने आपके अकाउंट से पैसे कटते रहते हैं।

UPI AutoPay Scam से कैसे बचें?
UPI AutoPay Scam से बचने के लिए निम्नलिखित बिन्दुओं पर ध्यान दें–
- कोई भी पेमेंट करने से पहले सभी डिटेल्स ध्यान से पढ़ें।
- QR कोड सिर्फ भरोसेमंद स्रोत से ही स्कैन करें।
- WhatsApp या Telegram लिंक के जरिए पेमेंट न करें।
- अज्ञात ऐप्स इंस्टॉल न करें।
- हर हफ्ते अपने AutoPay मैंडेट्स चेक करें।
- SMS अलर्ट्स को नजरअंदाज न करें।
Frequently Asked Questions (FAQ)
UPI AutoPay Scam से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण सवाल जो आप लोग जानना चाहते है—
UPI AutoPay Scam हो जाए तो क्या करें?
1. Mandate को तुरंत cancel करें
2. अपनी बैंक शाखा को सूचित करें
3. 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें
4. National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज करें
क्या AutoPay पूरी तरह से सुरक्षित है?
हाँ, अगर आप भरोसेमंद सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं, तो यह सुरक्षित है; लेकिन अनजान सेवाओं के साथ जोखिम रहता है।
UPI AutoPay क्या होता है?
UPI AutoPay एक ऐसा फीचर है, जो EMI, सब्सक्रिप्शन (जैसे Netflix और Amazon) और बिल पेमेंट्स को ऑटोमैटिक कर देता है। 2026 में NPCI ने ट्रांज़ैक्शन लिमिट बढ़ा दी है (₹15,000 से ₹1 लाख तक); हालाँकि, अब स्कैमर्स इसी सुविधा का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।
UPI AutoPay Scam क्या है?
UPI AutoPay Scam धोखाधड़ी का एक ऐसा रूप है, जिसमें स्कैमर—अक्सर OTT ऐप्स, नकली फ्री ट्रायल या लुभावने ऑफर से जुड़े डेटाबेस का इस्तेमाल करके—आपको धोखे से बिना जाने ही एक UPI ऑटो-पेमेंट (मैंडेट) चालू करवा देते हैं। इसके बाद हर महीने आपकी जानकारी या अनुमति के बिना ही आपके बैंक खाते से पैसे कटते रहते हैं। यह स्कैम अक्सर फिशिंग लिंक या नकली ऐप्स के जरिए किया जाता है।
निष्कर्ष
UPI AutoPay एक बेहद उपयोगी फीचर है; हालाँकि, यदि आप इसे पूरी तरह समझे बिना किसी पेमेंट को मंजूरी दे देते हैं, तो यही फीचर आपके लिए आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है। आज के समय में सबसे जरूरी चीज है—सतर्कता और जागरूकता।

