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Gen Z में इम्पल्स बोरोइंग का खतरनाक जाल, मिडिल क्लास पर बढ़ता कर्ज़

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पहले लोग सिर्फ ज़रूरत या इमरजेंसी के लिए Personal Loan या Credit Card का सहारा लेते थे, लेकिन जैसे जैसे लोन लेना आसान हुआ है वैसे वैसे ही अब Gen Z (युवा पीढ़ी) और मिडिल क्लास परिवार भी फटाफट कर्ज़ लेने लगे हैं — और वो भी बिना सोचे-समझे। तो आइये हम इस आर्टिकल में जानते है की ट्रेंड क्यों बढ़ रहा है और इसका असर क्या हो सकता है।

Gen Z पहला कर्ज़, आसान और तेजी से

Gen Z कर्ज़ क्यों ले रहे हैं?

  • लाइफस्टाइल खर्च — Travel, gadgets, ब्रांडेड फोन के लिए Personal Loan तेजी से लिया जा रहा है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार पहली बार लोन लेने वालों में Personal Loan का 40% हिस्सा Gen Z का है।
  • Digital सहजता — Loan approval अब मिनटों में मिल जाता है, जिससे युवा सोच-समझकर निवेश के बजाय इंस्टेंट क्रेडिट का विकल्प चुनते हैं।
Gen Z

पर्सनल लोन में नया ट्रेंड — ‘ज़रूरत नहीं, बल्कि चाहत’

पर्सनल लोन पहले सेहत या टैक्स-बिल के लिए लिया जाता था। अब वही लोन लाइफस्टाइल और अनुभवों के लिए अधिक इस्तेमाल हो रहा है:

  • लगभग 25% लोग 2025 के पहले छह महीनों में ट्रैवल के लिए Personal Loan ले चुके हैं। यह पहली बार है जब छुट्टियाँ कर्ज़ का प्रमुख कारण बन गईं।
  • फोन, एलैक्ट्रॉनिक्स और gadgets खरीदने के लिए लोन लेने की प्रवृत्ति भी तेज़ी से बढ़ी है।

यानी आज की पीढ़ी “जीना अब, भुगतान बाद में” वाली सोच के साथ क्रेडिट की ओर बढ़ रही है।

मिडिल क्लास पर बढ़ता कर्ज़

Gen Z के अलावा मिडिल क्लास भी कर्ज़ के जाल में फंसता जा रहा है। आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार:

  • अब कर्ज़ का इस्तेमाल सिर्फ घर या शिक्षा के लिए नहीं, बल्कि रोज़मर्रा के खर्च, सेलिब्रेशन और सामान्य जीवनशैली के लिए भी किया जा रहा है।
  • 55% लोन अब घर जैसे एसेट के लिए नहीं, बल्कि उपभोक्ता खर्चों के लिए लिया जा रहा है
  • यानी बचत के बजाय उपयोगी कर्ज़ लेना एक सामान्य व्यवहार बन चुका है।

घरेलू कर्ज अब GDP का बड़ा हिस्सा बन चुका है, और इसके साथ ही उपभोक्ता ऋण की प्रवृत्ति तेज़ हो रही है — खासकर Personal Loan और Credit Card जैसी unsecured debt में।

Gen Z

आसान लोन के दुष्प्रभाव

बिना योजना वाले कर्ज़ के कुछ गंभीर असर भी सामने आ रहे हैं:

  1. क्रेडिट स्कोर का नुकसान: 98% लोग जानते हैं कि क्रेडिट स्कोर क्या होता है, लेकिन सिर्फ 7% ही इसे सही तरीके से समझते हैं। इससे over-borrowing और multiple loans लेने वाली आदत बन रही है।
  2. उच्च ब्याज और डिफ़ॉल्ट जोखिम: Unsecured लोन जैसे Personal Loan और Credit Card debt पर घर बैठे ब्याज दर और देर से भुगतान के शुल्क बड़ी आर्थिक परेशानी बन सकते हैं।
  3. मिडिल क्लास परिवारों में कई बार कर्ज़ का बोझ इतना बढ़ जाता है कि भुगतान मुश्किल हो जाता है, जिससे financial stress और मानसिक दबाव भी उत्पन्न होता है — जैसा कई नागरिकों के अनुभवों में देखा जा रहा है।

आसान ऋण की वजह से वित्तीय तनाव

एक सामान्य समस्या यह है कि Gen Z और मिडिल क्लास दोनों Digital Loans, BNPL और Quick EMIs को ‘Safe’ मानते हैं, जबकि असल में यह क्रेडिट कार्ड और पर्सनल लोन में फसवा सकते हैं। जब भुगतान समय पर नहीं होता, तो डिफ़ॉल्ट और खराब क्रेडिट स्कोर जैसी समस्याएँ सामने आती हैं।

सलाह: समझदारी से उधार लें — आज नहीं, भविष्य के लिए

  • जब भी लोन लें, पहले उसके Interest, EMI भरण क्षमता, और Total repayment को ध्यान में रखें।
  • क्रेडिट स्कोर को नियमित रूप से मॉनिटर करें।
  • बड़े खर्चों के लिए बजट और सेविंग्स बनाएं, न कि इंस्टेंट क्रेडिट

FAQ

Gen Z में इम्पल्स बोरोइंग क्या है?

Gen Z में, इंपल्स बरोइंग का मतलब है बिना ज़्यादा प्लानिंग या सोचे-समझे तुरंत लोन लेना। इसमें इंस्टेंट पर्सनल लोन, BNPL (अभी खरीदें, बाद में पेमेंट करें) सर्विस और EMI पर खरीदारी शामिल है, जिनका इस्तेमाल अक्सर लाइफस्टाइल के खर्चों के लिए किया जाता है।

मिडिल क्लास परिवार कर्ज़ में क्यों फंस रहे हैं?

मिडिल क्लास परिवार कर्ज़ में इसलिए फंस रहे है क्युकि मिडिल क्लास परिवार अब रोज़मर्रा के खर्चों, पढ़ाई, शादी, त्योहारों और अपनी EMI-आधारित लाइफस्टाइल के लिए लोन ले रहे हैं। बढ़ती महंगाई और सीमित इनकम की वजह से बचत कम हो रही है, जिससे लोग कर्ज़ पर ज़्यादा निर्भर हो रहे हैं।

Gen Z कर्ज़ क्यों ले रहे हैं?

पर्सनल लोन पहले सेहत या टैक्स-बिल के लिए लिया जाता था। अब वही लोन लाइफस्टाइल और अनुभवों के लिए अधिक इस्तेमाल हो रहा है: लगभग 25% लोग 2025 के पहले छह महीनों में ट्रैवल के लिए Personal Loan ले चुके हैं। यह पहली बार है जब छुट्टियाँ कर्ज़ का प्रमुख कारण बन गईं। फोन, एलैक्ट्रॉनिक्स और gadgets खरीदने के लिए लोन लेने की प्रवृत्ति भी तेज़ी से बढ़ी है।

निष्कर्ष

आज भारत में कर्ज़ लेने के तरीके बदल रहे हैं। Gen Z को ‘Digital Credit’, ‘Instant Personal Loans’ और ‘BNPL’ की सुविधा ने आकर्षित किया है, जबकि मिडिल क्लास परिवार भी सामान्य खर्चों के लिए कर्ज़ का विकल्प चुन रहा है। हालांकि यह प्रवृत्ति पहले अवसर देती है, लेकिन लंबे समय में वित्तीय तनाव, खराब क्रेडिट स्कोर और ब्याज बोझ जैसी समस्याएँ पैदा कर सकती है। सही योजना और वित्तीय समझ से ही इस स्थिति का सामना किया जा सकता है।

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उम्मीद है की उपर्युक्त जानकारी के लिए यह आर्टिकल हेल्पफुल साबित हुआ है आपके सुझाव और कमेंट सादर आमंत्रित है इसी प्रकार की जानकारीयो को वीडियो के रूप में जानने के लिए हमारे युटुब चैनल Click Here का विजिट करें,  शुक्रिया….
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